ankur Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 27, 2024 तुम मुझे अखबार जैसेपढ़ोगे तो रद्दी हि समझोगे।अगर तुम किताब जैसे पढ़ो तो मेरी किमत पता चले। ............@dhul Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मुस्कुराता September 14, 2025 मुस्कुराता रहता हूं हर वक्त क्यो की मेरे गम का कोई गवाह नही है रोता तो मै भी गम मे पर रोने के लिए मेरे पास कोई जगह नहीं है। Ankur Gupta (Dhul) Read more
आँसु September 07, 2025 जिसे तुम बहते हुए आँसू समझते हो ओ तो किसी का बे-रंग खून बहता है यूं हि नही बहते आँसू , बहते है आँसू........... किसी अपने के रूठ जाने पर किसी अपने के दूर जाने पर किसी कि याद आने पर किसी का साथ छूट जाने पर Read more
सिर्फ तुम June 29, 2025 पैर तुम्हारे,उनमे पायल मेरी हो हाथ तुम्हारे,उनमे कंगन मेरे हो आगे बढते रहेंगे कदम हमारे सिर्फ तुम साथ हमारे हो Read more
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