जिन्दगी

हँसता हुआ, एक दिन जहां मे बिखर जाऊँगा 
ये न पुंछो बिखर कर कहा जाऊँगा ।
मेरा कतरा कतरा इसी जहां पर होगा
पर उन  कतरो मे मुझे कोई  नही पायेगा ।

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